आरडीजी न मिलने से सुक्खू खफा

आरडीजी न मिलने से सुक्खू खफा
हिमाचल के संसाधनों के उपयोग के एवज में संविधान प्रदत्त आरडीजी पर हमारा हक: सुक्खू
शिमला, 14 मार्च।
16 वें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत आरडीजी बंद होने से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अत्यधिक खफा हैं। सुक्खू का कहना है कि जल, जंगल व जमीन हिमाचल के संसाधन हैं। देश हित में इनका उपोयग हो रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के संसाधनों का राष्ट्रहित में उपयोग हो रहा है। लिहाजा संविधान प्रदत्त आरडीजी मिलना हिमाचल का हक है। सुक्खू ने शनिवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार के उपक्रमों एसजेवीएनएल, एनएचपीसी व एनटीपीसी के हिमाचल में स्थिति प्रोजेक्टों से प्रदेश को 12 फीसद रायल्टी मिल रही है। केंद्र द्वारा लागत पूरी कर चुके पावर प्रोजेक्टों से 50 फीसद रायल्टी हिमाचल को देने की स्थिति में आरडीजी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी इकोलॉजी के रुप में 90 हजार करोड़ रुपए की प्रति वर्ष देश की सेवा करता है, जिसमें हमारा वन क्षेत्र प्रमुख है। यदि हमें जंगल काटने की अनुमति दी जाए तो आरडीजी की जरुरत ही नहीं पड़ेगी। लिहाजा जब राज्य के संसाधनों का प्रयोग देश के लिए होगा तो आरडीजी संविधान प्रदत्त अधिकार है। संविधान के तहत इसे राज्य की आय और व्यय के अंतर को कम करने लिए दिया जाता है। राज्य की आय के अधिकांश संसाधनों का अब उपयोग कर लिया गया है तथा जीएसटी लगने के बाद राज्य सरकार के कर लगाने के अधिकार समाप्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की नींव पहलेे बजट में रख दी गई थी और हम जरुर अपने उद्देश्य में सफल होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वेतन और पैंशन में कोई कटौती नहीं की है। इसके अलावा सामाजिक कार्य पहले की तरह चलते रहेंगे। हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा आगामी बजट में इस दिशा में और कदम उठाए जाएंगे।
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पंजाब के वित्त मंत्री द्वारा दी गई जानकारी गलत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के वित्त मंत्री की तरफ से विधानसभा में दी गई जानकारी गलत है। हमने न तो पंजाब की गाड़ियों पर टैक्स लगाया है और न ही किसी का वेतन और पैंशन रुकी है। पंजाब सरकार ने ही वायदे के अनुरुप अपने कर्मचारियों को पुरानी पैंशन नहीं दी है जिसे हिमाचल प्रदेश सरकार ने पहली कैबिनेट में बहाल कर दिया था। अब चुनाव से पहले पंजाब सरकार यदि झूठा लॉलीपाप दिखाती है तो अलग बात है। हमने अर्थव्यवस्था को संभाला है जबकि पंजाब दिवालिया हो चुका है।
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सरकार के फैसले का किया बचाव
सुक्खू ने कहा कि विजीलैंस को कानूनी प्रावधानों के तहत आरटीआई के दायरे से बाहर किया गया है। ऐसा कई राज्य सरकारों ने किया है। ईडी और सीबीआई भी कानून की धारा में होते हैं। जब भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं तो उस समय जानकारी उपलब्ध नहीं करवाना कानून के दायरे में रहकर किया है।
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एलपीजी की ज्यादा कमी नहीं
सुक्खू ने कहा कि राज्य में एलपीजी की ज्यादा कमी नहीं है। हां कमी जरुर है जिससे निपटने के लिए सभी प्रभावी पग उठाए जा रहे हैं। कॉमर्शियल यूनिट के लिए केंद्र सरकार की तरफ से जितनी गैस मिलेगी, उतनी उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस बारे में मुख्य सचिव केंद्र सरकार से बात करने के साथ पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति में बराबर नजर बनाए हुए है।