शिव प्रताप शुक्ल ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र

शिव प्रताप शुक्ल ने दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र
हिमाचल के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को जिम्मेदारी के साथ अपनानी होगी कार्य संस्कृति
शिमला, 08 मार्च।
हिमाचल प्रदेश के निवर्तमान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने  कहा है कि हिमाचल के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को जिम्मेदारी के साथ कार्य संस्कृति को अपनाना होगा। उनका कहना है कि जब सरकार, समाज और संस्थाएं मिलकर ईमानदारी से काम करेंगी, तभी प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू पाएगा। तेलंगाना जाने से पहले रविवार को शिमला में मीडिया से बात करते हुए शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने प्रदेश के लोगों और परिस्थितियों को करीब से समझने की कोशिश की है। इस दौरान उन्हें महसूस हुआ कि हिमाचल में विकास और प्रगति की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही दिशा और सामूहिक प्रयासों से साकार किया जा सकता है। शुक्ल को तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया में समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना जरूरी है।
राज्यपाल ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नशा मुक्त हिमाचल अभियान को आगे बढ़ाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने में प्रेस और मीडिया की भूमिका सराहनीय रही है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और सकारात्मक बदलाव आए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में टीबी को लेकर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है और हिमाचल में भी इस दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि पिछले वर्ष प्रदेश के टीबी मुक्त होने की उम्मीद थी, लेकिन मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज और मीडिया की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
केंद्र और राज्य सरकार के संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों को मिलकर काम करना चाहिए। जीएसटी व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पांच वर्षों तक राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई की, लेकिन अब राज्यों को अपने संसाधनों को मजबूत कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।
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लोकभवन और सरकार में कोई टकराव नहीं
लोकभावन और राज्य सरकार के बीच टकराव की चर्चाओं पर शुक्ल ने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच किसी तरह का टकराव नहीं है। राज्य सरकार द्वारा भेजे गए मामलों पर संवैधानिक दायरे में रहकर कार्रवाई की जाती है और कई मामलों में अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी पर निर्भर होता है।
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल को लेकर उठे सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं और उनके स्वागत में किसी राज्य सरकार का शामिल न होना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों का सम्मान राजनीति से ऊपर होना चाहिए। इस दौरान शिव प्रताप शुक्ल ने उन्हें तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।