हिमाचल में ‘खत्म हुई आपदा’
सुक्खू सरकार ने हटाया डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट
शिमला, 05 मार्च।
हिमाचल प्रदेश में आपदा खत्म हो गई है। राज्य की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 को हटा दिया गया है। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट खत्म होने के साथ ही सूबे में पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय शहरी निकायों के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। डिजास्टर मैनेजमेेंट एक्ट समाप्त करने बारे राज्य के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद अब प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रदेश में मानसून के दौरान हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण 8 अक्तूबर 2025 को डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू किया गया था। उस समय कई क्षेत्रों में सडकों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
राज्य सरकार का कहना था कि जब तक बंद पड़ी सडकों की मरम्मत और सामान्य जनजीवन पूरी तरह बहाल नहीं हो जाता, तब तक डिजास्टर एक्ट लागू रहेगा। अब हालात सामान्य होने और एक्ट हटने के बाद पंचायत और शहरी निकाय चुनाव करवाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदेश में स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के गठन का रास्ता भी साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी कर ली जाए। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद से ही इन संस्थाओं में प्रशासकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार ने समय पर चुनाव न करवा पाने के पीछे डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट को प्रमुख कारण बताया था। इस मुद्दे को लेकर मामला पहले हाईकोर्ट पहुंचा थाएल, जहां अदालत ने 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 31 मई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। अब डिजास्टर एक्ट हटने के बाद चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।









