विशेषाधिकार हनन तक पहुंचा राष्ट्रगान और राष्ट्र गीत का विवाद
सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों का एक-दूसरे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर विपक्ष पर लगाया राष्ट्र गान के अपमान का आरोप
हाईकोर्ट में मानहानि का मामला करेंगे दायर: जयराम ठाकुर
शिमला, 26 अगस्त।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्र गान के अपमान को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को एक बार फिर गरमा गया। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने इसमुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने का ऐलान किया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के बीच सदन में कुछ देर के लिए भारी शोरगुल और हंगामा हुआ तथा दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी भी की।
विधानसभा द्वारा राष्ट्र गान का वीडियो उपलब्ध करवाए जाने के बाद आक्रामक विपक्ष ने जहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस संबंध में झूठ बोलने के लिए प्रदेश की 75 लाख की आबादी से माफी मांगने की बात कही। वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने अपने बयान को एक बार फिर दोहराया कि भाजपा ने राष्ट्र गान का अपमान किया है और उसे जिस मर्जी अदालत में जाना है, जाए। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सदन के रिकार्ड में राष्ट्र गान के अपमान की बात दर्ज नहीं है। मुख्यमंत्री ने सदन से बाहर कहा हो तो वह रिकार्ड का हिस्सा नहीं है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रश्नकाल के तुरंत बाद यह मामला उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राष्ट्र गान के अपमान का झूठा आरोप लगाया है और यह बात विधानसभा द्वारा विपक्ष को उपलब्ध करवाए गए वीडियो से साफ हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद सत्ता पक्ष ने न केवल विधानसभा परिसर में, बल्कि प्रदेशभर में भाजपा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के इस झूठ के खिलाफ भाजपा विधानसभा में मुख्यमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला लाएगी, जबकि प्रदेश हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर मानहानि का मामला भी दायर किया जाएगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर राष्ट्र गान का अपमान करने के अपने आरोप को दोहराते हुए कहा कि राष्ट्र गान पर सवाल पैदा करना ही राष्ट्र गान का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राष्ट्र गान का अपमान किया है और कांग्रेस प्रदेश के हर कोने में जाकर लोगों को इस अपमान के बारे में बताएगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत को बांटने के लिए प्रदेशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे देश की संस्कृति इंसानियत की रही है, लेकिन भाजपा की संस्कृति हमेशा बांटने की रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा राष्ट्र गान के अपमान के लिए माफी मांगती है तो सरकार उसे माफ कर देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत आजादी से पहले से कांग्रेस की विचारधारा में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत भारत की पहचान है और कोई भी गीत कानून द्वारा नहीं थोपा जा सकता।
इसी मुद्दे पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा सदस्य विपिन सिंह परमार ने राष्ट्र खत्म होने से पहले ही हाथ उठा दिया था, लेकिन कैमरा उन पर नहीं था, जिसका वह फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने राष्ट्र गान का अपमान किया है। ऐसे में वह किस मुंह से हाईकोर्ट जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भी जान चुकी है कि भाजपा न तो संविधान को मानती है और न ही विधानसभा के नियमों को। नेगी ने यह भी कहा कि वे जनजातीय समुदाय से हैं और भाजपा एक जनजातीय विधायक को प्रताड़ित कर रही है। इसलिए भाजपा के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की विचारधारा देश के लिए घातक है।








