राज्य में मरीजों को मिल रही विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का किया शुभारंभ
शिमला, 11 मार्च।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को आईजीएमसी शिमला में 28.44 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित उच्च स्तरीय रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला जिला के चमियाना, कांगड़ा जिला के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय तथा मंडी जिला के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा के सफल शुभारंभ के बाद अब यह सुविधा आईजीएमसी, शिमला में भी मरीजों के लिए उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी तथा गायनेकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उन्नत सर्जिकल प्रक्रियाएं और सशक्त होंगी तथा चीरा भी छोटा लगेगा जिससे मरीज को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। प्रदेश भर के मरीजों को अत्याधुनिक और सटीक उपचार अपने घर के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लोगों को विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है, जो उत्तर भारत में अपनी तरह की विशेष पहल है। उन्होंने कहा कि अगले एक माह के भीतर हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में भी रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की जाएगी। प्रदेश सरकार दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इस सुविधा का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में कुल्लू तथा अन्य दूरदराज के क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।
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स्टाफ नर्सों को उच्च शिक्षा के दौरान मिलेगा पूरा वेतन
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज आईजीएमसी शिमला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान स्टाफ नर्स को भी 40 प्रतिशत के स्थान पर पूरा वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेडिकल एजुकेशन विभाग में 80 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक साल में स्वास्थ्य विभाग में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा और आने वाले समय में इस क्षेत्र में बहुत सारी नौकरियां मिलने वाली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत तेजी से सुधार कर रही है और हाई-एंड टेक्नोलॉजी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी, हाई-एंड एमआरआई जैसी मशीनें लगाई जा रही हैं। सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आऊटसोर्स आधार पर नियुक्तियों को बंद करना चाहती है क्योंकि यह युवाओं का शोषण है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग में नियमित स्टाफ नर्सों के साथ-साथ असिस्टेंट स्टाफ नर्सों के पद भी सृजित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार मिल सके। बैचवाइज नर्सों की भर्ती भी की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से आरडीजी मिल रही थी लेकिन इस संवैधानिक अधिकार को सोलहवें वित्तायोग ने बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में आय व व्यय का अंतर होता है, उन्हें आरडीजी दी जाती थी लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों का यह अधिकार अब छीन लिया गया है। भाजपा के नेता कहते हैं कि 17 राज्यों की आरडीजी बंद हुई है लेकिन उनके संसाधन ज्यादा हैं। हमारे पास सिर्फ पानी और जंगल हैं। हमें उद्योगों से भी ज्यादा लाभ नहीं मिलता क्योंकि जीएसटी उत्पाद की खरीद पर लगता है और हिमाचल प्रदेश की आबादी बहुत कम है। उत्पाद हिमाचल में तैयार हो रहे हैं लेकिन जीएसटी का फायदा बड़े राज्यों को हो रहा है। हमारा टैक्स कलेक्शन 4000 करोड़ रुपये से घटकर 150 करोड़ रुपये रह गया है। उन्होंने कहा कि हमें बिजली परियोजनाओं में 50 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी चाहिए, ताकि हिमाचल के लोगों को उनका अधिकार मिले। उन्होंने नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।










