रोहित ठाकुर ने की शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की

रोहित ठाकुर ने की शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा की
पदोन्नत मुख्याध्यापकों को 31 दिसंबर तक पदभार ग्रहण करने के निर्देश
शिमला, 22 दिसंबर।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को शिमला में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में गुणवत्ता युक्त, समान और रोजगारोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय कार्यों में तेजी लाने, प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा का विस्तार करना है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में 100 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की योजना है जिनमें से 94 स्कूलों को मान्यता मिल चुकी है। सीबीएसई शिक्षकों के लिए अलग सब-केडर गठित किया जाएगा । इनकी नियुक्तियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया तैयार कर ली गई है।
उन्होंने 1427 जॉब ट्रेनी पदों के लिए आयोजित की जाने वाली लिमिटेड डायरेक्ट रिक्रूटमेंट परीक्षा की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परीक्षा आगामी साल 22 फरवरी को आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे इन स्कूलों के लिए 42 स्थानों पर 94.46 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने खेल सुविधाओं को मजबूत करने, खेल छात्रावासों में कोच के रिक्त पद भरने तथा 389 सहायक प्रोफेसर पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने शून्य नामांकन वाले स्कूलों के विलय, विज्ञान और गणित विषयों के शिक्षकों के लिए अंग्रेजी माध्यम में अध्यापन हेतु कैप्सूल कोर्स तथा छात्र परिवहन नीति तैयार करने पर भी बल दिया।
रोहित ठाकुर ने सभी पदोन्नत मुख्याध्यापकों को 31 दिसंबर तक नई तैनाती पर पदभार ग्रहण करने तथा प्रधानाचार्यों की डीपीसी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में समग्र शिक्षा परियोजना निदेशक, स्कूल शिक्षा निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।