- डड्डू माजरा में मेगा वन महोत्सव का आगाज
133 इको टास्क फोर्स ने लगाए 4,000 पौधे
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया अभियान का शुभारंभ
वन महोत्सव प्रकृति के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक
शिमला, 10 जुलाई।
शहरी पर्यावरण को पुनर्जीवित करने और हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में शुक्रवार को डड्डू माजरा डंपिंग ग्राउंड में मेगा वन महोत्सव वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। टीए ग्रुप मुख्यालय, पश्चिमी कमान के तत्वावधान में कार्यरत 133 इको टास्क फोर्स ने यूटी प्रशासन, चंडीगढ़ के सहयोग से आयोजित इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। यह अभियान ‘नो योर टीए’ पहल तथा राष्ट्र निर्माण में भारतीय सेना के पर्यावरणीय योगदान को समर्पित रहा।
अभियान का शुभारंभ पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया। इस अवसर पर उन्होंने 133 इको टास्क फोर्स द्वारा पर्यावरण संरक्षण और वनीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रादेशिक सेना केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के दीर्घकालिक संरक्षण और उनकी बेहतर जीवित रहने की संभावना सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि “वन महोत्सव केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
लंबे समय से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौती का प्रतीक रहे डड्डू माजरा डंपिंग ग्राउंड को इस अभियान के माध्यम से पर्यावरणीय पुनरुद्धार का केंद्र बनाया गया। राष्ट्रीय वन महोत्सव की इस वर्ष की थीम “हीलिंग द अर्थ थ्रू ग्रीनर इनिशिएटिव्स” के अनुरूप अभियान का उद्देश्य पर्यावरणीय रूप से प्रभावित क्षेत्रों को हरित क्षेत्रों में बदलना और शहर के हरित आवरण का विस्तार करना है।
अभियान के दौरान 133 इको टास्क फोर्स के सैनिकों ने अनुशासित और संगठित प्रयासों के तहत डड्डू माजरा सहित चार विभिन्न स्थानों, जिनमें चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन भी शामिल है, पर एक ही दिन में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया। अभियान में यूटी प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अनेक सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश दिया।
मानसून के मौसम को देखते हुए यूटी वन विभाग और 133 इको टास्क फोर्स ने नवरोपित पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई और संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसका उद्देश्य पौधों की अधिकतम जीवित रहने की दर सुनिश्चित कर इस वृक्षारोपण अभियान को दीर्घकालिक सफलता दिलाना है।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में जनभागीदारी बढ़ाने और भारतीय सेना की राष्ट्र निर्माण में निभाई जा रही पर्यावरणीय भूमिका को रेखांकित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





