अनुपूरक बजट पारित होने के बाद विपक्ष का हंगामा
विपक्ष ने सरकार पर लगाए आंकड़े छुपाने के आरोप
वेज एंड मीन्स के कारण बढ़ा अनुपूरक बजट का आंकड़ाः सुक्खू
शिमला, 19 मार्च।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वीरवार को राज्य का वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट पारित होने के बाद विपक्ष ने सदन में इस मामले में सरकार पर आंकड़े छुपाने और झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। इस दौरान पूरा विपक्ष एक बार अपनी सीटों पर खड़े होकर नारे लगाते हुए विरोध स्वरूप सदन से बाहर चला गया, हालांकि इस दौरान विपक्ष तुरंत सदन में लौट भी आया।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भोजन अवकाश के बाद अनुपूरक बजट पास होने का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अनुपूरक बजट के दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाए गए क्योंकि सरकार आंकड़े छुपाना चाहती थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश का आज पारित अनुपूरक बजट राज्य के वर्ष 2025-26 के आम बजट के 70 प्रतिशत तक पहुंच गया है जो हैरानी जनक है। उन्होंने पूछा कि इतना बड़ा अनुपूरक बजट छुपाने की वजह क्या है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि अनुपूरक बजट में दर्शाया गया सारा पैसा प्रदेश में खर्च हुआ है तो सरकार बताए कि यह पैसा कहां खर्च हुआ क्योंकि सरकार के पास अपने कर्मचारियों को वेतन व पैसे देने तक के पैसे नहीं है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विपक्ष के हंगामे के बाद कहा कि वेज एंड मीन्स के कारण अनुपूरक बजट का आंकड़ा बढ़ा है। अन्यथा राज्य का बजट उतना नहीं है जितना विपक्ष बता रहा है। उन्होंने कहा कि वेज एंड मीन्स के तहत सरकार ने आज ऋण लिया और उसे कल लौटा दिया क्योंकि इस मद के तहत ऋण लेने पर सिर्फ 5.50 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है, जबकि ओवर ड्राफट की स्थिति में साढ़े 10 प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है।
इसी मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष से अनुपूरक बजट के मामले में बड़ी चूक हुई है जिसे विपक्ष को स्वीकारना चाहिए। उन्होंने पूछा की जब अनुपूकर बजट पेश व पारित हो रहा था तब विपक्ष कहां था। उन्हांेने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अनुपूरक बजट को पढ़ा ही नहीं और न ही उसने बजट की प्रति सरकार अथवा विधानसभा सचिवालय से मांगी। उन्हांेने कहा कि अनुपूरक बजट पास होने के बाद यह मामला सही नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस दौरान स्पष्ट किया कि उन्हांेने अनुपूरक बजट पास होने से पहले उन्होंने विपक्ष को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन किसी भी सदस्य ने चर्चा में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की सभी आपत्तियों को खारिज किए जाने की व्यवस्था भी दी।





