एक सदी से अधिक पुराने क्लब के अस्तित्व पर मंडराया खतरा
आइस स्केटिंग क्लब बिल्डिंग खाली न करने पर अड़ी क्लब की कार्यकारिणी
शिमला, 15 मार्च।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित 100 साल से अधिक पुराने आइस स्केटिंग क्लब के अस्तित्व पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। वर्ष 1920 में बने इस क्लब को राज्य में पर्यटन को विकसित करने की योजना के तहत नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए एशिया विकास बैंक के माध्यम से धनराशि खर्च की जा रही है। लेकिन क्लब को नए सिरे से बनाने से पहले ही इसके अस्तित्व पर बन आई है क्योंकि प्रदेश के पर्यटन विभाग के साथ आइस स्केटिंग क्लब की लीज बीते वर्ष अक्टूबर में समाप्त हो गई है। ऐसे में प्रदेश सरकार के पर्यटन महकमे ने अब इस क्लब के कर्ताधर्ताओं को क्लब की बिल्डिंग को खाली करने का नोटिस थमा दिया है। यही नहीं विभाग ने क्लब की कार्यकारिणी अथवा मैनेजमेंट को कोई वैकल्पिक स्थान भी उपलब्ध नहीं करवाया है। नतीजतन क्लब की यह मैनेजमेंट क्लब बिल्डिंग को खाली करने से मुकर गई है और सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
जानकारी के अनुसारआइस स्केटिंग क्लब की बिल्डिंग को 19 मार्च तक खाली करने के निर्देश प्रदेश सरकार की ओर से जारी हुए हैं। आइस स्केटिंग रिंक को ऑल वैदर आइस स्केटिंग रिंक बनाने के लिए क्लब हाऊस की बिल्डिंग भी डिसमैंटल की जाएगी। ऐसे में सरकार की ओर से आइस स्केटिंग क्लब की मुख्य बिल्डिंग के अलावा साथ लगते सर्वेंट आवास को डिसमैंटल किया जाएगा। इसको देखते हुए बिल्डिंग को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
रविवार को आइस स्केटिंग क्लब कार्यकारिणी की आपात बैठक हुई। बैठक में इस मुददे पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान क्लब के सदस्यों ने प्रदेश सरकार के समक्ष मामला उठाने का निर्णय लिया। बैठक में कहा गया कि तत्काल बिल्डिंग खाली करने के आदेश से क्लब की गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो जाएंगी और क्लब का सामान रखने के लिए भी कोई जगह नहीं मिलेगी। क्लब के पदाधिकारी व सदस्य प्रदेश सरकार को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपेगा।
क्लब के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि सरकार पहले चरण में नई इमारत का निर्माण कर दे और उसके बाद क्लब को वहां स्थान उपलब्ध करवाए, तो इस ऐतिहासिक संस्था को बचाया जा सकता है। उनका कहना है कि वे आधुनिक सुविधाओं के निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन क्लब की पहचान और परंपरा को बनाए रखना भी जरूरी है। क्लब के अध्यक्ष मनप्रीत सिंह सैंबी व सचिव रजत मल्होत्रा ने कहा कि इस मामले को लेकर विस्तृत चर्चा के बाद निर्णय लिया गया है कि इसको लेकर आइस स्केटिंग क्लब का प्रतिनिधिमंडल सरकार से मिलेगा और उनके समक्ष मांगों को रखा जाएगा।
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1920 में बना था आइस स्केटिंग रिंक
1920 में शिमला के लक्कड़ बाजार में आइस स्केटिंग रिंक को स्थापित किया गया था। ये एशिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक आइस स्केटिंग रिंक हैं, जहां आज भी प्राकृतिक तौर पर बर्फ जमती है। यहां पर कई बड़ी हस्तियां स्केटिंग के लिए आ चुकी हैं। हर साल यह रिंक पर्यटकों और स्केटिंग प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है।










