हिमाचल में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश
सिरमौर और सोलन में आज सभी स्कूल-आंगनवाड़ी बंद
शिमला में भूस्खलन से कई कारें क्षतिग्रस्त
शिक्षकों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
शिमला, 10 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग की भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी के बीच सिरमौर और सोलन जिला प्रशासनों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शुक्रवार को दोनों जिलों के सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा और सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने अलग-अलग आदेश जारी करते हुए कहा कि लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें बाधित हो रही हैं, भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है और विशेषकर पहाड़ी इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे हालात में विद्यार्थियों का स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसी को देखते हुए एहतियातन शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इससे पहले गुरुवार देर रात सिरमौर के पांवटा उपमंडल में शिक्षण संस्थान बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। शुक्रवार सुबह नाहन, संगड़ाह, पच्छाद और राजगढ़ के एसडीएम ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आदेश जारी कर दिए।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए भूस्खलन, अचानक बाढ़, पेड़ों के गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका जताई है। प्रशासन का कहना है कि संभावित प्राकृतिक आपदाओं के बीच किसी भी अप्रिय घटना से बचने और विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जारी आदेशों के अनुसार, आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 30 की उपधारा (5) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्तों ने 10 जुलाई को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। हालांकि सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अपने-अपने संस्थानों में उपस्थित रहना होगा और उन्हें अवकाश की छूट नहीं मिलेगी।
लगातार बारिश का असर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। जानकारी के अनुसार सिरमौर जिले में कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं राजधानी शिमला के विकासनगर क्षेत्र में एक भवन के सामने की सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।
अत्यधिक भारी बारिश के कारण पानी की आमद में हुई वृद्धि के चलते सिरमौर जिला के गिरि जटोंन डैम के सभी 10 गेट खोले दिए गए हैं और जिले के मैदानी इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।
कुल्लू जिला में भी बीती रात से लगातार बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश से नदी नालों के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है। जिले का सैंज न्यूली सड़क मार्ग भारी भूस्खलन से यातायात के लिए अबरुद्ध होबग़ाय है। औट लुहरी नेशनल हाईवे 305 में खनाग के समीप सड़क पर देवदार का पेड़ गिरने से सड़क अबरुद्ध है। लोगों ने प्रशासन से जल्द सड़क बहाली की मांग की है। भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में कई और सड़कें अबरुद्ध हो गई हैं।
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कहाँ कितने बरसे बादल
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में सर्वाधिक 158.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कसौली में 145, सोलन में 113, पालमपुर में 109, जुब्बड़हट्टी में 72, कुफरी में 62, शिमला में 58.8, नारकंडा में 49, पौंटा साहिब में 62.8, मशोबरा में 55, सैंज में 47.5, भुंतर में 28, मनाली में 23, बिलासपुर में 31, कोटखाई में 42, सराहन में 37.5 और धर्मशाला में 13 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।






