हिमाचल में मौनसून प्रचंड
भारी बारिश से नदियां-नाले उफान पर
किन्नौर में बाढ़ जैसे हालात
लिप्पा में 100 फुट लंबा लोहे का पुल डूबा
कामरु पंचायत में 13 परिवार सुरक्षित स्थान पर ले जाये गए
हिमाचल में 15 जुलाई तक भारी वर्षा का येलो अलर्ट
शिमला, 9 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मौनसून की बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। किन्नौर जिले के लिप्पा क्षेत्र में गुरुवार को अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 100 फीट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे लिप्पा गांव का अन्य क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। पुल के डूबने से स्थानीय लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप्प हो गई है। भारी बारिश के चलते प्रदेश में नदी नाले उफान पर हैं और कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार किन्नौर की लिप्पा पंचायत के पेजर नाले में आई भीषण बाढ़ से टेटी खड्ड का बहाव बाधित हो गया। देखते ही देखते पानी का स्तर इतना बढ़ गया जिससे लोहे का पुल पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया और अब उसका उपयोग सुरक्षित नहीं रह गया है। पुल के समीप स्थित कई मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
किन्नौर की जीवनरेखा माने जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर मलिंग नाला के समीप भारी भूस्खलन होने से पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गिरी। इससे राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
जिला के उपमंडल कल्पा की कामरू पंचायत के कुप्पा क्षेत्र में वीरवार सुबह पहाड़ी से अचानक भारी चट्टानें और मलबा गिरने लगा। चट्टानों के गिरने की आवाज सुनते ही ग्रामीणों ने लोगों को सतर्क किया, जिससे क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन तीन मकान, एक गोशाला तथा कुछ बगीचों को नुकसान पहुंचा है।
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित 13 परिवारों को सुरक्षित स्थान जीरा फार्म में स्थानांतरित कर दिया है। प्रभावित परिवारों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन की ओर से की गई है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में लगातार बारिश हो रही है। लिप्पा क्षेत्र में बाढ़ के कारण 10 से 12 मकानों को खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए एडीएम पूह को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
तहसीलदार सांगला हरदयाल सिंह ने बताया कि कुप्पा क्षेत्र में फिलहाल स्थिति सामान्य है तथा प्रशासन प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों के समीप न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बुधवार से जारी वर्षा के कारण प्रदेश के कई जिलों की नदियों और खड्डों का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
सोलन ज़िले में कसौली के पास शिलर-पठिया लिंक रोड पर मलबा गिरने से रास्ता बंद हो गया है।
इस बीच मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के विभिन्न भागों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़कें बाधित होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। विभाग ने सिरमौर जिला के लिए आज भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। जिले में आज सुबह से ही भारी वर्षा हो रही है। राजधानी शिमला में भी वीरवार सुबह से ही लगातार वर्षा हो रही है जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सिरमौर ज़िले का नाहन आज राज्य में सबसे ज़्यादा बारिश वाला स्थान रहा, जहाँ 89.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा सोलन में 46.8, जोत में 45.2, मलरोन में 41, सराहन में 38.7, पावंटा साहिब में 34.4, कल्पा में 29.9, बिलासपुर में 24.8, गुलेर में 24.4, शिमला और जट्टन बैराज में 23.2-23.2, धौलाकुआँ में 20.9, रोहड़ू में 20.5 और कुफरी में 20 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मौनसून की लगातार वर्षा से राज्य में अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। कांगड़ा आज प्रदेश का सबसे गर्म रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी में सबसे कम तापमान 10.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
लगातार बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी सलाह का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने की अपील की है।
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