पेपर लीक पर केंद्र पर बरसे रोहित ठाकुर
धर्मेंद्र प्रधान से मांगा इस्तीफा
प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में सीबीटी प्रणाली लागू करने का दाव
शिमला, 23 जुलाई।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) प्रणाली लागू कर रही है, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
राज्य सचिवालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में रोहित ठाकुर ने कहा कि नीट पेपर लीक केंद्र सरकार की बड़ी विफलता है। इससे देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार की परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करते हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए और सरकारों को ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना समय की मांग है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
रोहित ठाकुर ने बताया कि मंत्रिमंडल से स्वीकृत स्कूल शिक्षा विभाग के 3,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। उनका दावा था कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा विभाग में लगभग 14,000 पदों पर नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी।
जेबीटी शिक्षकों की क्लस्टर प्रणाली संबंधी मांगों पर उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और जनहित में जो भी व्यावहारिक समाधान होगा, उस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।









