आदेशों की अनुपालना न होने से हिमाचल हाई कोर्ट नाराज, गृह सचिव तलब
शिमला, 11 मार्च।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्यायपालिका के मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ करने को लेकर दिए जा रहे आदेशों की अनुपालना की जिम्मेदारी एक विभाग से दूसरे विभाग पर डालने के इरादे को गम्भीरता से लेते हुए गृह सचिव को तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात यह आदेश दिए। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि उक्त अधिकारी 31 मार्च को कोर्ट में उपस्थित रहे ताकि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कोर्ट ने गृह सचिव के शपथपत्र का अवलोकन करने के बाद कहा कि इस शपथपत्र से केवल यह पता चलता है कि दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद शपथकर्ता द्वारा जिम्मेदारियों को दूसरे अधिकारियों पर स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के शपथपत्र में कहा गया था कि
यद्यपि हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 3 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है, लेकिन विधि क्लर्क-सह-अनुसंधान सहायक (विधायी प्रशिक्षु) के 20 पदों के सृजन न्यायालयों में नियमित आधार पर पदों को भरने, जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के लिए नियमित भर्ती प्रक्रिया के तहत निर्णय लेखक के एक पद के सृजन, हमीरपुर, जोगिंदर नगर और नालागढ़ में अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों के तीन पदों के सृजन और सहायक कर्मचारियों सहित सिविल न्यायाधीशों के 34 न्यायालयों के सृजन का निर्णय अभी भी मंत्रिमंडल के समक्ष लंबित है। इसी प्रकार जिला न्यायपालिका के लिए 13 वाहनों की स्वीकृति भी बीते साल 19 अगस्त से लंबित है।






